मौसम विभाग के अनुसार, आने वाली नमी के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले तीन-चार दिनों तक रात के तापमान में गिरावट का दौर थमेगा। इससे वर्तमान में महसूस हो रही ठंड में बहुत अधिक कमी नहीं आएगी। पिछले दो दिनों में सरगुजा संभाग में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। वहीं, खाड़ी में चक्रवाती तूफान तो विकसित हुआ, लेकिन श्रीलंका तट पर होने के कारण इसका प्रदेश में ज्यादा असर नहीं पड़ा।
उत्तर हिस्सों के शहरों में न्यूनतम तापमान में लगभग 3 डिग्री की कमी आई है। राज्य के उत्तरी इलाकों में ठंड की वापसी अधिक महसूस की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तापमान 4-5 डिग्री तक गिरने की वजह से रात में शीतलहर जारी है। सुबह के समय कुछ हिस्सों में ओस जमने की स्थिति बन चुकी है। शहरों में महसूस होने वाली गर्मी तीन रातों से गायब रही है और तापमान में लगभग 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शहरी इलाकों में ठंड अच्छी तरह महसूस हो रही है, जबकि बाहरी इलाकों में लोग ठंड से कांप रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ रही ठंड अब स्थिर होने की संभावना है। हवा की दिशा में छोटे बदलाव के संकेत हैं, लेकिन ठंड बढ़ने का दौर थमेगा, इसमें अचानक कमी की संभावना नहीं है।
नवंबर में दो दौर की ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में नवंबर महीने में दो दौर की ठंड देखने को मिली। प्रथम सप्ताह में मौसम में बदलाव लगभग दस दिनों तक महसूस हुआ। इसके बाद बीच में ब्रेक आया और हाल के दो दिनों से ठंड की वापसी हुई। तापमान में गिरावट का अगला दौर दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।